Bharat Tiwari Encounter Case: जानिए क्या है पूरा मामला, पुलिस के दावे और परिवार के गंभीर आरोप

By Manish Dhaker/ June 20, 2026
Quick Summary

CareerDikshaJobs.in News Alert: बिहार के भोजपुर जिले के बिलौटी गांव में हुआ भारत तिवारी (भरत भूषण तिवारी) एनकाउंटर इस समय पूरे देश में चर्चा का विषय बना हुआ है। फेसबुक लाइव के दौरान खुद को सरेंडर करने की बात कहने वाले 28 वर्षीय युवक की पुलिस मुठभेड़ के बाद मौत हो गई। जहां भोजपुर पुलिस इसे आत्मरक्षा में की गई कार्रवाई बता रही है, वहीं परिवार और ग्रामीणों का आरोप है कि यह एक सोची-समझी हत्या है। इस घटना के बाद बिहार की राजनीति पूरी तरह गरमा गई है और शाहपुर थानाध्यक्ष (SHO) समेत 4 पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया गया है। आइए आसान शब्दों में समझते हैं कि आखिर मौत से पहले उन 48 घंटों में क्या-क्या हुआ था।

Bharat Tiwari Encounter Case: जानिए क्या है पूरा मामला, पुलिस के दावे और परिवार के गंभीर आरोप banner

भोजपुर भारत तिवारी एनकाउंटर मामला क्या है?

बिहार के भोजपुर जिले के शाहपुर थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले बिलौटी गांव से एक झकझोर देने वाली खबर सामने आई है। सोशल मीडिया पर एक्टिव रहने वाले और बाढ़ पीड़ितों की आवाज उठाने वाले 28 वर्षीय युवक भारत भूषण तिवारी (भारत तिवारी) की पुलिस एनकाउंटर में लगी चोटों के कारण पटना मेडिकल कॉलेज और अस्पताल (PMCH) में मौत हो गई। इस घटना के बाद से पूरे इलाके में भारी तनाव है और स्थानीय लोगों का गुस्सा फूट पड़ा है।

यह मामला इसलिए और ज्यादा गंभीर हो गया है क्योंकि मौत से ठीक पहले भारत तिवारी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म फेसबुक पर लाइव (Facebook Live) आकर अपनी बातें रख रहा था। लाइव वीडियो बंद होने के कुछ ही देर बाद उसे गोली मार दी गई, जिससे पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।

 

घटना की पूरी टाइमलाइन: मौत से पहले के 48 घंटे में क्या हुआ?

मामले को अच्छी तरह समझने के लिए हमें इस पूरी घटनाक्रम को सिलसिलेवार ढंग से देखना होगा:

  • पहला दिन (शुरुआती विवाद): शाहपुर पुलिस को सूचना मिली थी कि बिलौटी गांव में एक युवक हाथ में कट्टा/पिस्तौल लेकर घूम रहा है और हवा में फायरिंग कर रहा है। जब स्थानीय पुलिस और भोजपुर एसटीएफ (STF) की टीम वहां पहुंची, तो युवक अपने घर के परिसर में चला गया।
  • पुलिस का पहला बयान: शुरुआती कार्रवाई के बाद भोजपुर पुलिस ने एक प्रेस रिलीज जारी कर कहा था कि युवक "मानसिक रूप से विक्षिप्त" (Mentally Unsound) है और उसे सुरक्षित हिरासत में लेकर मानसिक अस्पताल भेजने की प्रक्रिया शुरू की जा रही है। पुलिस ने लोगों से भ्रामक वीडियो न फैलाने की अपील भी की थी।
  • फेसबुक लाइव और तनाव: इसी बीच भारत तिवारी लगातार फेसबुक पर लाइव आकर खुद को क्रांतिकारी बता रहा था। एक वीडियो में वह अपनी मां के सामने पुलिस पर पिस्तौल तानते हुए भी दिखा। उसने सोशल मीडिया पर लिखा कि "जब भगत सिंह देश और समाज के लिए लड़ रहे थे, तो उन्हें भी पागल साबित करने की कोशिश की गई थी।"
  • सरेंडर की बात और एनकाउंटर: अपने आखिरी लाइव वीडियो में भारत तिवारी ने कहा, "अगर मेरी मांगें पूरी की जाती हैं, तो मुझे शस्त्र नीचे डालने (सरेंडर करने) में कोई समस्या नहीं है।" लेकिन इसके तुरंत बाद स्थितियां बिगड़ गईं और एसटीएफ कर्मियों के साथ हुई मुठभेड़ में उसे गोलियां लग गईं।

 

इस मामले में दोनों पक्षों के दावे क्या हैं?

इस पूरे एनकाउंटर को लेकर अब दो अलग-अलग कहानियां सामने आ रही हैं, जिसने सस्पेंस और विवाद को बढ़ा दिया है:

1. भोजपुर पुलिस का पक्ष (दावा)

पुलिस प्रशासन का कहना है कि सुरक्षाकर्मियों ने बुलेटप्रूफ जैकेट पहनकर भारत तिवारी को चारों तरफ से घेर लिया था और उसे बार-बार हथियार डालने के लिए कहा जा रहा था। लेकिन उसने आत्मसमर्पण करने के बजाय पुलिस टीम पर सीधे फायरिंग कर दी। पुलिस ने दावा किया कि उन्होंने पूरी तरह आत्मरक्षा (Self-Defense) में जवाबी फायरिंग की, जिसमें भारत तिवारी के पैरों में गोली लगी और बाद में इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।

2. परिवार और ग्रामीणों के आरोप

दूसरी तरफ, मृतक की मां और बिलौटी गांव के निवासियों का आरोप बिल्कुल अलग है। उनका कहना है कि भारत कोई पेशेवर अपराधी नहीं था, बल्कि वह भ्रष्टाचार के खिलाफ आवाज उठाता था। परिवार का आरोप है कि जब भारत हथियार फेंक कर सरेंडर करने के लिए पूरी तरह तैयार हो गया और उसने अपना फेसबुक लाइव बंद कर दिया, तो उसके बाद पुलिस ने उसे जानबूझकर बेहद करीब से गोलियां मारीं। परिजनों ने यह भी आरोप लगाया कि हिरासत में लेने के बाद उसके साथ मारपीट भी की गई थी।

 

कार्रवाई: शाहपुर SHO समेत 4 पुलिसकर्मी निलंबित

एनकाउंटर की खबर फैलते ही ग्रामीणों का आक्रोश फूट पड़ा और उन्होंने आरा-बक्सर फोरलेन (हाईवे) को जाम कर भारी हंगामा किया। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए और प्राथमिक जांच के आधार पर भोजपुर के पुलिस अधीक्षक (SP) ने बड़ी कार्रवाई की है:

की गई कार्रवाईविवरण
पुलिसकर्मियों का निलंबनशाहपुर थानाध्यक्ष (SHO) समेत कुल 4 पुलिसकर्मियों को तत्काल प्रभाव से सस्पेंड कर दिया गया है।
जांच के आदेशइस पूरे एनकाउंटर मामले की निष्पक्षता जांचने के लिए एक उच्च स्तरीय आधिकारिक विभागीय जांच शुरू कर दी गई है।

 

 

मामले पर गरमाई बिहार की राजनीति

इस घटना ने अब एक बड़ा राजनीतिक मोड़ ले लिया है। सिर्फ विपक्ष ही नहीं, बल्कि सत्ता पक्ष के कई बड़े नेता भी अपनी ही पुलिसिया कार्रवाई पर सवाल उठा रहे हैं:

  • पूर्व केंद्रीय मंत्री और वरिष्ठ नेता अश्विनी चौबे ने इस घटना को अत्यंत दुखद बताते हुए कहा, "अगर किसी युवक ने सरेंडर कर दिया था, तो उसे हिरासत में लेकर कानून के तहत सजा देनी चाहिए थी, न कि सीधे गोली मारनी चाहिए थी।" उन्होंने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से इस मामले की उच्च स्तरीय जांच कराने की मांग की है।
  • बिहार के शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने भी कार्रवाई पर दुख व्यक्त करते हुए कहा कि पुलिस को पहले युवक के पूरे बैकग्राउंड को अच्छे से समझना चाहिए था और कानून सम्मत प्रक्रिया का पालन करना चाहिए था।
  • वरिष्ठ पत्रकारों और ग्राउंड रिपोर्टर्स का भी मानना है कि इस पूरे मामले को स्थानीय प्रशासन द्वारा और अधिक संवेदनशीलता के साथ संभाला जा सकता था, जिससे एक युवक की जान बच सकती थी।

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